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15 Jan 2026, Thu

संवाददाता समाचार टाउन

कायमगंज/फर्रुखाबाद:उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की ओर से जटवारा रोड स्थित एक सभागार में आयोजित भव्य कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं में जोश और संवेदना का संचार किया।

कार्यक्रम का आगाज अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।बदायूं से आए वीर रस के कवि कलाकांत तिवारी ने जब अपनी पंक्तियां संगीनों के साए से जो लोग डरा करते हैं, मरने से पहले वो सौ बार मरा करते हैं पढ़ीं, तो पूरा सदन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वहीं डॉ. सुनीत सिद्धार्थ ने सामाजिक सच्चाई को बयां करते हुए कहा कि आज के दौर में दिल मिले न मिले, पर हाथ मिलाना मजबूरी बन गई है। हास्य और व्यंग्य की फुहारें कवि देवेश दीक्षित ने अपनी रचना इतने सुने बोल मीठे तुम्हारे, लगता है हमको शुगर हो गई से सबको खूब हंसाया। अनिल द्विवेदी ने वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए पढ़ा आरक्षण की नई व्यवस्था, हुई गई सीट जनानी, सइयां हम लड़िहैं प्रधानी। हास्य कवि सबरस मुरसानी ने भी विवाह और मनुहारों पर चुटीली रचना पेश की।

लखनऊ से आईं पूनम मिश्रा ने गीतात्मक प्रस्तुति देते हुए कहा रातभर दो नयन झिलमिलाते रहे, प्रीत की वेदना को सुनाते रहे। आगरा की नीमा चौधरी ने जीवन में आशा का संचार करते हुए कहा कि अंधेरों के बाद सवेरा जरूर होता है। कवि पवन बाथम ने श्रृंगार और पीड़ा को स्वर दिए, तो सरजन शीतल ने कविता की महत्ता पर प्रकाश डाला। इस दौरान उद्योगपति सत्यप्रकाश अग्रवाल, पूर्व सदस्य राज्य महिला आयोग डॉ. मिथलेश अग्रवाल, उद्योगपति लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, व्यापारी राम प्रकाश यादव, पालिकाध्यक्ष डॉ. शरद गंगवार, डॉ. विकास शर्मा और अरुण दुबे, आयोजन संजय गुप्ता, अमित सेठ, पवन गुप्ता, मनोज कौशल, दीपक राज अरोड़ा, रश्मि दुबे, मधु गंगवार, राजीव गुप्ता, पूर्व चेयरमैन सुनील चक, रेनू त्रिपाठी, संजय गंगवार, अभय कठेरिया, अमित पालीवाल और रिशिपाल सिंह सिसोदिया आदि रहे।

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