संवाददाता समाचार टाउन
फर्रुखाबाद/कायमगंज: पुलिस विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया,जब पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने तत्काल प्रभाव से कायमगंज कस्बा चौकी प्रभारी नागेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।यह कार्रवाई एक गंभीर मामले से जुड़ी हुई है,जिसमें उच्च न्यायालय ने एसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 8 सितंबर की रात 9 बजे की है।मिली जानकारी के अनुसार,कोतवाली की एक टीम ने धर्मपाल नाम के एक व्यक्ति के घर पर छापा मारा था।इस दौरान पुलिस टीम पर आरोप है कि उन्होंने धर्मपाल के परिजनों को जबरन उठाकर कोतवाली ले गई।पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर परिजनों ने विरोध किया और मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा।

उच्च न्यायालय की सख्ती:-
इस मामले में हुई पुलिस कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए,उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है।अदालत ने स्पष्ट आदेश जारी किया है।
कि पुलिस अधीक्षक,क्षेत्राधिकारी,कोतवाली प्रभारी और संबंधित चौकी इंचार्ज 14 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर हों और अपना पक्ष रखें।
जिम्मेदार पर गिरी गाज:-
उच्च न्यायालय के इस आदेश के बाद पुलिस विभाग में तनाव का माहौल है।एसपी आरती सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए, तत्कालीन चौकी इंचार्ज नागेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है।माना जा रहा है कि यह कार्रवाई कोर्ट में पेशी से पहले जिम्मेदारी तय करने और मामले की गंभीरता को स्वीकार करने के तहत की गई है।इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है।कि पुलिस की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उच्च न्यायालय की फटकार के बाद अब जिम्मेदार पुलिसकर्मी पर गाज गिरी है। मामले की आगे की स्थिति अब 14 अक्टूबर को उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई के बाद ही साफ हो पाएगी।

