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15 Jan 2026, Thu

Jhansi: मेडिकल कॉलेज में जिंदा जले 10 नवजात, कैसे हुआ हादसा जानने के लिए पढिए पूरी रिपोर्ट….

Jhansi:

खबर झांसी से जहां मेडिकल कॉलेज में 10 नवजात बच्चों की जलकर मौत हो गई। जबकि 37 बच्चों को खिडकी तोड़कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। भीषण अग्निकांड से पूरे प्रदेश में हडकंप मच गया। आग लगने की वजह शॉट शर्किट बाताई जा रही है। उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

हाइलाइट्स-

-महारनी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के शिशु वार्ड में लगी आग
– मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 नवजात बच्चे जिंदा जले
-37 बच्चों को कड़ी मशक्कत के बाद खिड़की तोडकर बाहर निकाला
-सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए 12 घंटे के अन्दर रिपोर्ट देने के आदेश
-घटना की तीन स्तरीय जांच होगी बोले उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक

क्या है पूरा मामला
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार की रात 10:30 बजे शिशु वार्ड में आग लग गई। आग लगने से 10 नवजात की मौक पर ही मौत हो गई। जबकि 37 नवजात बच्चों को खिड़की तोड़कर बाहर निकाला गया। मेडिकल कॉलेज में आग लगने की वजह ऑक्सीजन कंस्टेटर में शॉट शर्किट बताई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमिश्नर और डीआईजी को 12 घंटे के अंदर रिपोर्ट देने के आदेश दिए है। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल की 15 गाडियों व सेना को बुलाया गया। सेना व दमकल ने मिलकर आग पर काबू पाया।

15 मिनट में फैली आग
मेडिकल कॉलेज में मौजूद लोगों ने बताया कि महज 15 मिनट में आग ने विकराल रुप ले लिया। आग इतनी ज्यादा फैल गई कि अंदर फसे बच्चों को बाहर नहीं निकाला जा सका। जिस समय हादसा हुआ उस समय शिशु वार्ड में 54 से 55 बच्चे थे। जिनमें 10 नवजातों की मौके पर मौत हो गई। जबकि कुछ गंभीर रुप से झुलस गए। 37 नवजात बच्चों को खिड़की तोड़कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। दिल दहलाने वाली इस घटना के पीछे वजह क्या है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। गंभीर झुलसे बच्चों को सर्वोत्तम चिकित्सा उपचार दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि झांसी मेडिकल कॉलेज में एक दुर्घटना में हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दु:खद एवं हृदयलिदारक है। जिला प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों को संचालित कराने के निर्देश दिए गए है। प्रभु श्री राम से प्रर्थना है कि दिवगंत आत्माओं को सद्गति एवं घायलो को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करे।

उप मुख्यमंत्री बोले
हादसे की सूचना मिलते ही उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां उन्होने बताया कि हादसे की तीन जांचे होगी। पहली जांच स्वास्थ्य विभाग करेगा। दूसरी जांच पुलिस करेगी व तीसरी जांच मजिस्ट्रेट करेंगे। अगर चूक पाई जाती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

कमिश्नर ने दी जानकारी
कमिश्नर विपुल दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिकांश बच्चों को बचा लिया गया। एनएईसीयू वार्ड की दो यूनिट है, एक यूनिट अंदर की तरफ है जबकि दूसरी यूनिट बाहर की तरफ है। आग अंदर की ओर से लगी है। उनका कहना है कि वहां मौजूद लोगों ने बताया कि सिंलेडर ब्लास्ट के बाद अस्पताल में हडकंप मच गया। कुछ देर तक कुछ समझ में नहीं आया। फिर एनआईसीयू वार्ड में धुआं निकाला देख तो वहां मौजूद हर किसी के होश उड गए। देखते देखते आग ने विकराल रुप ले लिया। मौके पर पहुंची पुलिस व दमकल विभाग ने रेस्क्यू आपरेशन जारी किया।

जिलाधिकारी ने दी जानकारी
जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि वार्ड में दो यूनिट है बाहर की यूनिट के बच्चों को बचा लिया गया। जबकि अंदर की यूनिट में जो बच्चों भर्ती थे। वो काफी झुलस चुके थे। जिसकी वजह से उन्हे बचाया नहीं जा सका है। जो भी झुलसे है उनका इलाज के साथ साथ मॉनिटरिंग की जा रही है। आग लगने की वजह शॉर्ट शर्किट बताई जा रही है।

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