संवाददाता समाचार टाउन
टीम ने कायमगंज अस्पताल, स्कूल और एमआरएफ सेंटर की व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण
गुरुवार को निरीक्षण करने पहुंची प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों की टीम अस्पताल में सफाई व्यवस्था देखकर नाखुश दिखी। शौचालय में पीक से सना वाशबेसिन और टोटी से पानी न निकलने पर अधिकारियों ने अधीक्षक से जवाब तलब किया। टीम ने स्कूल, अस्पताल और एमआरएफ सेंटर की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेकर खामियों को देखा और सेंटर पर स्वच्छता अभियान चलाकर सफाई का संदेश दिया।

जनपद में आए प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों की टीम में आईएएस शंकर पांडेयान, खेतदान, अक्षय, नंदना, गौरव, सिद्धार्थ, दिव्यांशी, कृष्णकांत, राहुल चौधरी, साई भार्गव, आदित्य और प्रवीन जाधव ने निरीक्षण की शुरुआत नगर पालिका कार्यालय से हुई, जहां नगर पालिका चेयरमैन डॉ. शरद गंगवार ने सभी प्रशिक्षु आईएएस का स्वागत कर शील्ड भेंट की।तहसील रोड स्थित कंपोजिट परिषदीय विद्यालय कुकीखेल पहुंची।अधिकारियों ने बच्चों से पढ़ाई और शिक्षकों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली।विद्यालय के शिक्षामित्रों ने बताया कि पूरे नगरीय क्षेत्र के 9 स्कूलों में केवल एक स्थायी शिक्षक तैनात है,बाकी स्कूल शिक्षा मित्रों के सहारे चल रहे हैं।तीन ने वहां एमडीएम को भी देखा।वहां बने खाने की गुणवत्ता पर भी नजर डाली।

अस्पताल गेट के पास बने शौचालय का भी निरीक्षक किया। जन औषधि केंद्र में दवाइयां की उपलब्धता के बारे में जानकारी की।अस्पताल में 241 दवाइयों में 200 पाई गई। अधीक्षक डॉ. शोभित कुमार ने जानकारी दी कि रोजाना लगभग 600 मरीज ओपीडी में आते हैं और प्रति माह करीब 400 प्रसूताओं का प्रसव कराया जाता है। इस दौरान एक प्रशिक्षु आईएएस ने सवाल उठाया कि जब अस्पताल में सभी दवाएं उपलब्ध हैं, तो मरीज बाहर की दवाएं क्यों खरीद रहे हैं? इस पर अधीक्षक ने कहा कि कई मरीज बाहर से इलाज कराकर आते हैं, जिनकी दवाएं यहां नहीं मिल पातीं।

निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों की नजर शौचालय पर पड़ी, जहां वाशबेसिन पीक से सना हुआ था।यह देखकर एक प्रशिक्षु आईएएस ने नाराजगी जताई।उन्होंने तुरंत वाशबेसिन की टोटी चलाई, लेकिन उसमें पानी नहीं निकला। इस पर उन्होंने सवाल किया कि यहां की टोटी में पानी क्यों नहीं है? अधीक्षक ने सफाई देते हुए कहा कि किसी ने पानी बंद कर दिया होगा, अभी दिखवाते हैं। इसके बाद टीम ने डिलीवरी रूम का निरीक्षण किया, जहां वे सफाई व्यवस्था से संतुष्ट नजर आए। टीम ने अचरा रोड स्थित एमआरएफ सेंटर पहुंचकर कूड़े से जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया देखी। बताया गया कि चार किलो खाद का पैकेट 60 रुपए में तैयार होता है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कूड़ा पृथक्करण और मशीनों की कार्यप्रणाली की भी जांच की। मशीन बंद मिलने पर उसे चालू करने के निर्देश दिए गए, जिस पर कर्मचारी ने बिजली समस्या की जानकारी दी। इस पर टीम ने जनरेटर चालू करने को कहा। तो बताया गया जनरेटर यहां अन्य कार्य के लिए है। मशीनों का लोड नहीं उठा सकता। इस पर टीम ने कहा ठीक चलती हुई मशीन का एक वीडियो भेज देना। अंत में प्रशिक्षु आईएएस टीम ने झाड़ू उठाकर श्रमदान किया और स्वच्छता अभियान चलाया। एमआरएफ सेंटर पर वेस्ट टू वंडर पार्क में वेस्ट मैटेरियल से बनाए गए डिजाइन और कलाकृतियों को भी देखा और वहां पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस दौरान साहसी बालिका टीम भी मौजूद रही।

