Farrukhabad (समाचार टाउन डेस्क):
खबर जनपद फर्रुखाबाद से है जहां उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार व आधा सैकड़ा लेखपाल मण्डी समिति पहुंचे। जहां उन्होने व्यापारियों की आढतों के अभिलेखो की जांच की। वहीं टीन शेड़ खाली कराने को लेकर व्यापारियों व किसानों के बीच हॉट टॉक हुई।

हाइलाइट्स-
-उपजिलाधिकारी ने व्पापारियों की आढतों के जांचे अभिलेख
-अभिलेखों की जांच के दौरान व्यापरियों में मचा हडकंप
-उपजिलाधिकारी ने की किसानों व व्यापारियों से बात
-टीन शेड को लेकर किसानों व व्यापारियों में हुई हॉट टॉक
-कांटा रुम में धूल फांकते नजर आए कम्प्यूटर
-सूचना पर भी नहीं पहुंचा मण्डी प्रशासन, न ही खुले आफिस के ताले

क्या है पूरा मामला
उपजिलाधिकारी रवीन्द्र सिंह, तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर व नायब तहसीलदार सृजन कुमार के साथ आधा सैकडा से अधिक लेखपाल मण्डी समिति पहुंचे। जहां उपजिलाधिकारी ने लेखपालों को दो टीमों में विभाजित किया। उपजिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार टीमों ने मण्डी में सभी आढतियों से लाइसेंस व अन्य प्रपत्रों की जांच की। टीमों के द्वारा सर्वे की सूचना पर व्यापरियों ने हडकंप मच गया। टीमों के द्वारा बनाई गई रिपोर्ट को उपजिलाधिकारी के समक्ष प्रसस्तुत की जाएगी।

मण्डी समिति में बंद में कांटे
उपजिलाधिकारी व तहलीसदार को निरीक्षण के दौरान मण्डी के एक नंबर गेट व दो नबंर गेट पर लगे कांटे बंद मिले। कांटा कक्षों में लगे कम्प्यूटर पर जमी धूल को देखकर उपजिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। उनका कहना है कि इनको देखकर ऐसा लगता है कि जैसे इनका लंबे समय से प्रयोग नहीं हो रहा हो।

उपजिलाधिकारी, तहसीलदार ने कि किसानों व व्यापारियों से बात
उपजिलाधिकारी रवींद्र सिंह व तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर ने किसान नेताओं व व्यापरियों से बात की। भारतीय किसान यूनियन भानू गुट की ओर पहुंचे किसान नेता राजीव सिंह, ग्रीश चन्द शाक्य, धन सिंह व श्यामबिहारी ने उपजिलाधिकारी से मण्डी में टीन शेडों को व्यापरियों से खाली कराने की मांग की। वहीं उनका कहा है कि किसान जो माल आढतियों को बेचते है उस पर कितना कमीशन लगता है। इसकी भी रशीद को चस्पा किया जाए। इधर जय जवान जय किसान संगठन की ओरे से किसान नेता कमलेश राजपूत, हरलाल सिंह राजपूत, चन्द्र सिंह जाट व विवेक पाण्डे ने उपजिलाधाकारी से कहा कि मण्डी सचिव नागेन्द्र सिंह किसानों की एक नहीं सुनते है। वहीं मण्डी समिति में बने जलपान गृह पर व्यापारियों ने कब्जा कर रखा है। व्यापारियों के द्वारा जलपान गृह में लहसुन को भर के रखा हुआ है। वहीं व्यपारियों के द्वारा किसानों के लिए बने टीन शेड पर भी कब्जा कर रखा है।

किसानों व व्यापारियों के बीच हुई हॉट टॉक
उपजिलाधिकारी, तहसीलदार ने किसानों व व्यापारियों से बातचीत की। बातचीत के दौरान किसान नेताओं व व्यापारियों के बीच टीन शेड खाली कराने को लेकर हॉट टॉक हो गई। व्यापारियों का कहना है कि व्यापारी अनाज को टीन शेड में नहीं रखेंगे तो कहा रखेंगे। मामले में निष्कर्ष निकलता न देख उपजिलाधिकारी ने कहा कि नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व में भी कर चुके है टीन शेड खाली कराने की मांग
किसानों नेताओं का कहना है कि टीन शेड़ खाली कराने को लेकर जिला प्रशासन से लेकर तहसील प्रशासन तक कई बार ज्ञापन दे चुके है। वहीं कुछ दिन पहले किसान टीन शेड को खाली कराने को लेकर मण्डी समिति में धरने पर भी बैठ चुके है। लेकिन इन सब के वावजूद भी व्यापारियों के द्वारा टीन शेड खाली नहीं किया गया है। उनका कहना है कि व्यापारी दिन में टीन शेड में माल रखे लेकिन शाम होते ही टीन शेड में रखे अनाज को अपनी अपनी गोदामों रखे जाकर।
सूचना के बाद भी नहीं खुला कार्यालय
उपजिलाधिकारी रवीन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मण्डी प्रशासन को सूचना दी गई थी कि किसानों की समस्याओं को लेकर चर्चा की जाएगी। किसानों व व्यापारियों की समास्यों को तीन बजे तक सुना गया। लेकिन सूचना के बाद भी मण्डी की व्यवस्था में लगे हुए मण्डी सचिव नागेन्द्र सिंह, मण्डी निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह वर्मा, बाबू मण्डी अमित सक्सेना, मण्डी सहायक श्याम सिंह व मण्डी सहायक अंकित बिसारिया मौजूद नहीं रहें। वहीं मण्डी प्रशासन की ओर से किसी भी कार्यालय की ताला नहीं खोला गया।

