Farrukhabad (समाचार टाउन डेस्क)-
खबर जनपद फर्रुखाबाद से है जहां उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की कार्रवाई से व्यापारियों को हो रही कठिनाई को लेकर ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।

हाइलाइट्स-
-उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा
-खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की कार्रवाई से हो रही व्यापारियों को दिक्कत
-उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने 14 सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा
-जनपद फर्रुखाबाद की कायमगंज तहसील का है मामला

क्या है पूरा मामला
सोमवार को जनपद फर्रुखाबाद की कायमगंज तहसील में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के दर्जनों पदाधिकारी नारेबाजी करते हुए पहुंचे जहां उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार सजन कुमार को सौंपा जिसमें उन्होंने कहा कि खेती में रासायनिक खादों में मानक निर्धारित करने, खाद्य सुरक्षा में 12 लाख टर्न ओवर राशि बढ़ाकर 40 लाख करने, फूड एक्ट में सजा का प्रावधान खत्म करने, खाद्य सुरक्षा एवं फूड एक्ट के लिए पूर्णकालिक निर्णायक अधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए। पैकिंग के सामान में किसी भी प्रकार की कमी पाये जाने पर सिर्फ पैकिंग करने वाले फर्म या कम्पनी को ही दोषी माना जाए, वर्तमान समय में भारी मात्रा में खाद्य पदार्थों का व्यापार ऑनलाइन फूड चेन सप्लाई व मल्टी नेशनल कम्पनियों के द्वारा किया जा रहा है, परन्तु ऑनलाइन फूड सप्लाई के डिलीवरी करने वाले व्यक्तियों के पास फूड लाइसेंस नहीं है। अतः आपसे अनुरोध है कि सभी ऑनलाइन व फूड चेन सप्लाई डिलीवरी करने वाले व्यक्यिों के खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस बनवाये जाने के आदेश पारित किया जाए, ऑनलाइन फूड सप्लाई चेन की सैम्पलिंग भी नियमानुसार की जाये, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में निर्माताओं से ऑनलाइन सालाना व छमाही रिटर्न मांगी जा रही है। निर्धारित समय पर जमा न करने पर रू0 100 प्रतिदिन लेट फीस लगाई जा रही है, जिन व्यापारियों की पूर्व में रिटर्न जमा नहीं है, उन पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। रिटर्न जमा करने पर पिछला मांगा जा रहा जुर्माना समाप्त करने के आदेश पारित करने एवं कुटीर घरेलू व मझोले उद्योग इसकी पूर्ति न कर पाने के कारण नष्ट हो जाएंगे। 5 करोड़ तक टर्न ओवर वाले निर्माताओं से ऑनलाइन सालाना व छमाही रिटर्न की व्यवस्था समाप्त की जाए। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के सभी मामलों को अदालतों में भेजा जा रहा है। एक्ट में दी गई धारा-69 के अनुसार अधिकांश मामलों को शमन शुल्क जमा कराकर समाप्त किया जा सकता है। अधिकांश सभी विभागों में भी अनावश्यक मुकदमें आदि से बचने के लिए शमन शुल्क जमा कर मुकदमा समाप्त करने की व्यवस्था की गई है। शमन शुल्क व्यवस्था लागू करने से सरकार पर भी अनावश्यक मुकदमों के बोझ का भार कम होगा। अतः अभिहीत अधिकारी कार्यालय में शमन शुल्क जमा कराने की व्यवस्था लागू की जाए। प्रत्येक जिले में एक रजिस्ट्रेशन अर्थोरिटी नियुक्त किया जाए। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये जाएँ कि सैम्पिल भरे जाते समय फार्म-5 पूरी तरह से भरकर व्यापारी को मौके पर उपलब्ध कराएँ तथा सैम्पिल के लिए प्राप्त किये गये सामान का भुगतान व्यापारी को करना सुनिश्चित करें। सैम्पलिंग के समय व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों को मौके पर बुलाया जाए, सैम्पिल की टारगेट व्यवस्था समाप्त की जाए। सैम्पलिंग के अधिकार के लिए एक देश एक कानून एक अधिकारी एक दफ्तर की व्यवस्था को लागू किया जाए।

इस दौरान मौजूद रहे
आपको बता दे की ज्ञापन के दौरान उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन गुप्ता, जिलाध्यक्ष मनोज कौशल, जिला उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल, जिला महामंत्री शिवकुमार शाक्य, युवा प्रदेश मंत्री अतुल गुप्ता, नगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, नगर महामंत्री अमित सेठ, नगर वरिष्ठ उपाध्यक्ष वसीम अंसारी, महिला विधानसभा अध्यक्ष रेनू त्रिपाठी, महिला नगर अध्यक्ष मधु गंगवार, महिला जिला अध्यक्ष रश्मि दुबे समेत पदाधिकारी मौजूद रहे।

