कानपुर जेल में बंद पूर्व विधायक इरफान सोलंकी के भाई रिजवान सोलंकी सोमवार शाम रिहा हो गए।
वह करीब लगभग 34 महीने बाद जेल से निकल कर बाहर आए है।रिजवान सोलंकी को जेल के बाहर लेने उनकी मां खुर्शीदा बेगम व परिवार के लोग पहुंचे।
मां से मिलने के बाद और जेल से रिहा होने के बाद वह सीधे बड़ी ईदगाह स्थित अपने पिता मुश्ताक सोलंकी की कब्र पर गए। रिजवान ने कहा लगभग 3 साल बेगुनाही की सज़ा काटी है अपने मां बच्चों और परिवार के लोगों से दूर रहा हू।मां से बात करते हुए उनकी आंखों से आंसू निकल आए और कहा कि मां से जब मिलता था।तो एक जाली नुमा खिड़की से मुलाकात होती थी।आज अपने घर पहुंच कर अपनी मां से अपने सर पर हाथ रखवाओगा।और बच्चों से भी मिलूंगा।

पूर्व विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिज़वान को पुलिस से 02 दिसंबर 2022 को जेल भेजा था।
हाल ही के दिनों में इरफान और रिजवान सोलंकी को हाईकोर्ट ने जमानत दी है।रिजवान कानपुर जेल में थे तो इरफान महराजगंज जेल में बंद थे।
जल्द ही इरफान को भी एक या दो दिन में रिहाई हो सकती है।
7 जून 2024 को इरफान सोलंकी को कानपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने जाजमऊ केस में 7 साल की सजा सुनाई थी।व 30 हज़ार 500 का जुर्माना भी लगाया था। इरफान सोलंकी के भाई रिजवान सोलंकी के अलावा उसके साथियों मोहम्मद शरीफ,शौकत अली और इजराइल आटावाला को भी 7 साल की सजा सुनाई थी।
जाजमऊ के डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत अन्य पर पड़ोसी महिला नजीर फातिमा के बने घर को फूंकने का आरोप था।
नजीर फातिमा ने 08 नवंबर 2022 को जाजमऊ थाने में इरफान सोलंकी,रिजवान व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

