संवाददाता समाचार टाउन
पूर्व विदेश मंत्री सलाम खुर्शीद ने पितौरा स्थित शीतगृह में प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक विदेश नीति लगभग खत्म हो चुकी है और वर्तमान सरकार सामरिक स्वतंत्रता खो चुकी है।
उन्होंने ईरान और यूएस के बीच बढ़ते तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत अपनी शर्तों पर नहीं, बल्कि दूसरों के निर्देशों पर चल रहा है। रूस से तेल खरीद का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हमें बताया जा रहा है कि अमेरिका ने 30 दिन की अनुमति दी है। इसका मतलब साफ है कि भारत स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है। प्रधानमंत्री कहते हैं कि हम अपनी शर्तों पर काम कर रहे हैं, लेकिन सामने वाले की बात मान लेना शर्त नहीं बल्कि समर्पण है।
गाजा पट्टी में हो रही मौतों पर सरकार के रुख की आलोचना करते हुए खुर्शीद ने कहा कि कांग्रेस हमास के हमले का समर्थन नहीं करती, लेकिन मासूम बच्चों की मौत का विरोध करने का साहस भारत को दिखाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी की इजराइल यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जब हमला होने वाला था तब प्रधानमंत्री इजराइल में थे। इजराइल ने भारत को किस बात का धन्यवाद दिया? क्या हमने उन्हें खुली छूट का संकेत दिया था? एक सच्चे मित्र का कर्तव्य है कि वह गलत को गलत कहे, लेकिन इस सरकार में वह साहस नहीं बचा है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का उदाहरण देते हुए कहा कि जब चाइना ने वियतनाम पर हमला किया था, तब अटल बिहारी वाजपेयी अपनी चीन यात्रा बीच में छोड़कर विरोध स्वरूप वापस लौट आए थे।
गठबंधन के सवाल पर खुर्शीद ने कहा कि कोई भी पार्टी खुद को खत्म करके गठबंधन नहीं करती। आगामी चुनाव और मायावती के अकेले चुनाव लड़ने के फैसले पर उन्होंने कहा कि आज की राजनीतिक वास्तविकता यही है कि बड़ी पार्टियां भी गठबंधन के बिना प्रभाव नहीं बना पातीं। यूपीए सरकार भी गठबंधन की ही सफलता थी। उन्होंने कहा कि गठबंधन में कुछ पाना और कुछ खोना पड़ता है, लेकिन यह जनता के हित में किया जाता है।
उन्होंने कहा कि गठबंधन में सीटें कम होने से कार्यकर्ता निराश जरूर होते हैं, लेकिन अंतिम फैसला नेतृत्व को ही लेना होता है।
इस दौरान पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद, विधायक पुत्र उमर खुर्शीद, कांग्रेस नेता अनिल मिश्रा, मृत्यंजय शर्मा, शकुंतला देवी, जुनैद खान, उजैर अली खान और सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

