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23 Feb 2026, Mon

गैंगस्टर जुबैर खान की 26.51 करोड़ की संपत्ति कुर्क फर्जी जीएसटी के जरिए बनाई थी करोड़ों की जागीर।

संवाददाता समाचार टाउन 

पुलिस और प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत की कुर्की
-धोखाधड़ी और फर्जी जीएसटी के जरिए बनाई थी करोड़ों की जागीर
-ढोल-नगाड़ों के साथ पुलिस ने संपत्ति को सरकारी कब्जे में लिया

कायमगंज/फर्रुखाबाद:तहसील प्रशासन ने सोमवार को जिलाधिकारी के आदेश पर स्थानीय पुलिस प्रशासन ने कायमगंज के गैंगस्टर जुबैर खान की करीब 26 करोड़ 51 लाख रुपये की अवैध चल-अचल संपत्ति को कुर्क कर लिया है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
मोहल्ला गढ़ी इज्जत निवासी आरोपित जुबैर खान एक संगठित गिरोह का संचालन करता था। जुबैर पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और फर्जी जीएसटी नंबर के जरिए अवैध व्यापार कर अकूत धन अर्जित करने के मामले दर्ज हैं। जांच में सामने आया कि जुबैर ने अपनी मां रुखसाना के नाम पर बेनामी संपत्तियां खरीदी थीं, जिनका कोई वैध आय स्रोत नहीं मिला।

फोटो परिचय गैंगस्टर के आरोपित जुबेर के आवास के बाहर इंस्पेक्टर ने ढोल-नगाड़े बजवाकर सार्वजनिक रूप से मुनादी की

  • तहसील प्रशासन के मुताबिक, कुर्क की गई संपत्तियों में गढ़ी नूर खा में स्थित विशाल मकान, मऊरशीदाबाद में स्थित करोड़ों की कीमत के बड़े गोदाम। लखनपुर में विभिन्न गाटा संख्याओं में फैली कीमती कृषि योग्य भूमि। बैंक खातों में जमा नकदी और विलासितापूर्ण वाहन। इस तरह करीब प्रशासन ने अचल संपत्ति का बाजार मूल्य 26,51,19,623/31 और चल संपत्ति का मूल्य 69,623 आंका है। जो कुर्क की गई है।
    कुर्की की प्रक्रिया के दौरान तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर, प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन चतुर्वेदी, इंस्पेक्टर लाइन आर्डर सुरजीत सिंह, फतेहगढ़ से इंस्पेक्टर मनोज पांडे, कस्बा चौकी प्रभारी सोमबीर सिंह, मंडी चौकी प्रभारी बलबीर सिंह, माफिया सेल के हेड कास्टेबल सतेंद्र कुमार के अलावा मेरापुर, कंपिल समेत सर्किल का भारी फोर्स के साथ ढोल-नगाड़े बजवाकर गढ़ीनूर खा पहुंचे।

फोटो परिचय तहसील से मुनादी कुर्की के लिए ढोल-नगाड़ों के साथ जाता पुलिस प्रशासन मौजूद भारी फोर्स

जहाँ गैंगस्टर के आरोपित जुबेर के आवास के बाहर इंस्पेक्टर ने ढोल-नगाड़े बजवाकर सार्वजनिक रूप से मुनादी कराई और संपत्ति पर सरकारी बोर्ड चस्पा कर दिया। वही दीवार पर पेंट से मुकदमा संबंधित आदेश लिखवाया। इस कार्रवाई के दौरान आरोपित की माँ रुकसाना भी मौके पर मौजूद रही। तहसीलदार कायमगंज को इन संपत्तियों का प्रशासक नियुक्त किया गया है। इसके बाद पुलिस ने लखनपुर की संपत्तियों पर भी कुर्क प्रक्रिया की।


पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अपराध के रास्ते से अर्जित की गई किसी भी संपत्ति को बख्शा नहीं जाएगा। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत भविष्य में भी ऐसी कठोर कार्रवाइयां जारी रहेंगी।

इनसेट

लखनऊ एसटीएफ के छापे से शुरू हुआ था जुबैर के पतन का दौर

गैंगस्टर के आरोपित जुबैर के काले साम्राज्य के अंत की पटकथा करीब साढ़े तीन साल पहले लिखी गई थी। गढ़ी इज्जत खां निवासी जुबैर खान पहली बार सितंबर 2022 में उस वक्त सुर्खियों में आया, जब लखनऊ से आई जीएसटी एसटीएफ ने उसके ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी।
इस बड़ी कार्रवाई में जीएसटी की फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों के कर चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया था। जांच में परतें खुलती गईं और पता चला कि जुबैर ने कागजी हेरफेर और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए अपराध का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया है। तभी से वह पुलिस और प्रशासन की रडार पर था। 2022 की उस कार्रवाई के बाद से ही उस पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हुआ, जो आज गैंगस्टर एक्ट के तहत उसकी 22 करोड़ की संपत्ति की कुर्की तक पहुंच गया है।

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गैंग लीडर जुबैर समेत इन 8 गुर्गों पर कसा था गैंगस्टर का शिकंजा

अपराध के जरिए अकूत साम्राज्य खड़ा करने वाले जुबैर खान और उसके गिरोह पर कानूनी शिकंजा कसने की प्रक्रिया साल 2024 में और तेज हो गई थी। तत्कालीन कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने गढ़ी इज्जत खां निवासी गैंग लीडर जुबैर खान समेत गिरोह के कुल 8 सदस्यों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस के अनुसार, इस संगठित गिरोह में जुबैर के साथ रामनरेश, सुखबीर, पुष्पेंद्र, आदेश, मोबीन, तारीख उर्फ तालिब और पवन को नामजद किया गया था। जांच में पाया गया था कि यह गिरोह न केवल आर्थिक अपराध (जीएसटी चोरी) में लिप्त था, बल्कि कूटरचित दस्तावेजों और धोखाधड़ी के जरिए समाज विरोधी क्रियाकलापों को अंजाम दे रहा था। इसी मुकदमे के आधार पर जिलाधिकारी के निर्देश पर अब जुबैर की करोड़ों की चल-अचल संपत्ति को कुर्क करने की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है।

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