Farrukhabad (समाचार टाउन डेस्क)–
खबर जनपद फर्रुखाबाद से है जहां मुख्य चिकित्साधिकारी के निरीक्षण से पहले ही निजी अस्पताल के डॉक्टर व संचालक अस्पताल में ताला लगाकर मौके से नौ दो ग्यारह हो गए। वही आपको बता दे कि इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी ने सरकारी अस्पताल का भी निरीक्षण किया।
हाइलाइट्स–
–चिकित्साधिकारी ने किया निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण
–चिकित्साधिकारी के निरीक्षण से पहले अस्पताल बंद कर भागे संचालक
–कायमगंज नगर में खुले आम चल रहा निजी अस्पतालों का गोरख धंधा
–चिकित्साधिकारी ने दिया निजी अस्पतालों पर शिकंजा करने का आदेश
क्या है पूरा मामला
गुरुवार को जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर अवनींद्र कुमार ने औचक निरीक्षण किया। औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के हाल-चाल जाना और साथी ओपीडी व उपस्थिति पंजिका को चेक किया। इस दौरान आयुष विभाग में तैनात बाबू प्रवीण सक्सेना अनुपस्थित मिली जिस पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने जमकर नाराजगी जाहिर की। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दवा वितरण रजिस्टर का बारीकी से निरीक्षण किया। वहीं आपको बता दे कि मुख्य चिकित्साधिकारी के औचक निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
निजी अस्पतालों पर की छापेमारी
मुख्य चिकित्साधिकारी ने नगर के पुलिया पुल गालिब स्थित अनुपम हॉस्पिटल व दृष्टि पॉलीक्लिनिक का निरीक्षण किया। आपको बता दे कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निरीक्षण से पहले ही दोनों अस्पताल के संचालक मौके से फरार हो गए। वहीं अनुपम अस्पताल के डॉक्टर व संचालक मुख्य गेट का ताला लगाकर फरार हो गए। मुख्य चिकित्साधिकारी काफी देर तक दरवाजा खटखटाते रहे लेकिन किसी ने गेट नहीं खोला। इसके बाद चिकित्साधिकारी में दृष्टि पॉलीक्लिनिक पहुंचे जहां उन्होंने वहां मौजूद लोगों से अस्पताल संचालक के बारे में जानकारी एकत्रित करनी चाहिए। लेकिन अस्पताल संचालक के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दे सका। इस अस्पताल में कुल 12 बेड है। इसी के साथ इस अस्पताल में ऑपरेशन की भी सुविधा उपलब्ध है। लैब भी उपलब्ध है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने पूरे अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया। वहीं लोगों की माने तो यह अस्पताल सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर गौरव मिश्रा का है। जिन्हें मुख्य चिकित्साधिकारी के आने की भनक पहले से ही लग गई थी। जिसके चलते वह अस्पताल बंद करके भाग गए।

