संवाददाता समाचार टाउन
कायमगंज के ग्राम कुवंरपुर इमलाक ईदगाह स्थित सूफी संत महात्मा रामचंद्र जी महाराज के सतगुरु मौलाना शाह फज़ल अहमद खां नक्शबंदी के 118 वें निर्माण दिवस के मौके पर उनकी समाधि पर देश भर से पहुचे अनुयाईयों ने माथा टेक खिराजे अक़ीदत पेश की।

इस मोके पर समाधि स्थल पर एक विशाल सतसंग का भी आयोजन किया गया। जिसमें देश के विभिन्न विभिन्न प्रदेशों से पहुचें लगभग 5 सैकड़ा से भी ज्यादा आध्यात्मिक अभ्यासियों ने भाग लिया और हुज़ूर साहब मौलाना शाह फज़ल अहमद साहब के याद में भजन सुनाये।
समाधि स्थल की व्यवस्था को संभाल रहे सूफी शाह हुसैन ने बताया कि हुज़ूर महाराज मौलाना शाह फज़ल अहमद साहब ने सन् 1907 में 30 नवम्बर को शाम लगभग 5 बजे शरीर त्याग दिया था और इस तरीक पर हर वर्ष पूरे देश से अनुयायाई उनकी समाधि पर आते हैं।

आज भी पूरे देश से सैकड़ों लोगों ने यहाँ शिरकत की है। हुज़ूर महाराज मौलाना शाह फज़ल अहमद साहब नक्शबंदी रायपुरी फतेगण के महात्मा रामचंद्र लाला जी महाराज के गुरु हैं। और महात्मा रामचंद्र के नाम पर दुनिया भर में अलग अलग नामो पर दो दर्जन से ज्यादा सतसंग हैं जो इस आध्यात्मिक शिष्य परमपरा को निरंतर आगे ले जाने का काम कर रहे हैं।

देश के पूर्व राष्ट्रपति राम-गोविंद जी भी महात्मा रामचंद्र जी के नाम पर संचालित श्रीराम चंद्र मिशन शाहजहाँपुर के आभ्यासी है।
निर्माण दिवस पर रामश्रम श्रीकृष्ण सतसंग सिकंदराबाद के अध्यक्ष अभीषेक जी, बिहार प्रदेश से न्यायाधीश कनईया लाल, जज दिव्यांश पाल एवम जज अमन वर्मा, पटना से संजय शर्मा, बिहार आवाज के एडीटर इन चीफ ऐके उपाध्याय, मुकुल गुप्ता चिकित्सा अधिकारी सलिल बाजपेयी, विनय सक्सेना, प्रदीप विसारिया, सौराज सिंह, नृपेश गुप्ता, गिरीश सकसेना राज सिंग्घानिया अमूल्य घोष विवेक मित्तल साहसी बालिका संस्था की अध्यक्ष खुशबू मिश्रा, अमन खा अवधेश श्रीवास्तव पन्नालाल, वीरेंद्र कुमार, सुधीर, हरीराम, दीपक तथा दीपू, सहित सैकड़ों सतसंगी मौजूद रहे।

