संवाददाता समाचार टाउन
-50 लाख मुआवजे की मांग, 15 दिन में समाधान नहीं तो लखनऊ कूच, एसडीएम, सीओ के आश्वासन पर अंतिम संस्कार, किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
कायमगंज फर्रुखाबाद:सड़क हादसे में घायल हुए किसान नेता की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों और किसान संगठन शुक्रवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही किसान नेताओं ने धरना स्थल पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे और बेटी की निशुल्क शिक्षा सहित कई मांगें उठाई गईं। मांग न मानने पर किसानों ने 15 दिसंबर को लखनऊ कूच की चेतावनी दी।

घटना क्षेत्र के गांव सत्तारनगर निवासी भारतीय किसान यूनियन अखंड प्रदेश के जिला प्रभारी गिरीश चंद्र शाक्य 28 दिसंबर को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए कानपुर के हैलेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां गुरुवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शुक्रवार देर शाम शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया।

यूनियन के नेता और ग्रामीण धरना स्थल पर जुट गए और मृतक के शव को सामने रखकर प्रदर्शन जारी रखा। सूचना पर देर रात कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, परंतु किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। शनिवार सुबह एसडीएम अतुल कुमार सिंह और सीओ राजेश कुमार द्विवेदी प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन चतुर्वेदी के साथ मौके पर पहुंचे।

जहां किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सोमवंशी, प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह सोमवंशी और जिला अध्यक्ष देवेंद्र राजपूत ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने 50 लाख रुपये मुआवजे, बेटी की मुफ्त शिक्षा और अन्य मांगों के समाधान की मांग की। यूनियन नेताओं ने कहा कि 15 दिसंबर तक मांगे न मानी गईं तो लखनऊ तक पैदल मार्च कर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। एसडीएम ने उच्चाधिकारियों से बात कर उचित समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिवारजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। शमशाबाद ढाई घाट पर मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।

