संवाददाता समाचार टाउन
–परिसर के बाहर मिट्टी ले जाते ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का तांता, ग्रामीणों ने उठाए सवाल, सुरक्षाकर्मियों का कड़ा पहरा, फोटो-वीडियो बनाने पर लगाई रोक
कंपिल/फर्रुखाबाद:कताई मिल परिसर में चल रहा ध्वस्तीकरण कार्य अब विवादों के घेरे में आ गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने कताई मिल के ठेकेदारों और खनन माफियाओं की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन का गंभीर आरोप लगाया है। चर्चा है कि जेसीबी मशीनों के जरिए खोदी जा रही मिट्टी को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से खुलेआम बाहर भेजा जा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल परिसर की इमारत का ध्वस्तीकरण कार्य करीब 7 करोड़ रुपये में मुंबई की एक निजी कंपनी को सौंपे जाने के बाद शुरू हुआ था। आरोप है कि इसी कार्य की आड़ में सरकारी नियमों की अनदेखी कर सुबह से देर रात तक अवैध खनन को अंजाम दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इसमें कुछ लोग बिना किसी प्रशासनिक भय के इस कार्य में जुटे हुए हैं।

खबर है कि परिसर के भीतर क्या चल रहा है, इसे गुप्त रखने के लिए ठेकेदार द्वारा निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। आरोप है कि इन गार्डों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी बाहरी व्यक्ति परिसर के भीतर प्रवेश न कर सके और न ही वहां की कोई फोटो या वीडियो बना सके। इस घेरेबंदी के कारण स्थानीय लोगों में रोष के साथ-साथ भय का माहौल भी बना हुआ है।
उपजिलाधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया
मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया है। इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। यदि मौके पर किसी भी प्रकार का अवैध खनन पाया जाता है, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

