Farrukhabad (समाचार टाउन डेस्क)-
खबर जनपद फर्रुखाबाद से है जहां फूड प्वाइजनिंग से एक ही घर के पांच बच्चों की हालत बिगड़ गई। आपको बता दे कि फूड प्वाइजनिंग के कारण एक बच्ची की मौत हो गई। फूड प्वाइजनिंग की सूचना पर उप जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
हाइलाइट्स-
-फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए एक ही घर के पांच बच्चे
-फूड प्वाइजनिंग से एक बच्ची की मौत, चार की हालत गंभीर
-उप जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर की जांच पड़ताल
-कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव लखनपुर का है मामला
क्या है पूरा मामला
बुधवार को जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव लखनपुर निवासी राम सिंह जाटव के घर में वासा पराठा खाने से 12 वर्षीय गीता, 11 वर्षीय रीता, 10 वर्षीय गुलशन, 9 वर्षीय सुनीता व 7 वर्षीय अंशुल की तबीयत खराब हो गई। गुरुवार की सुबह फूड प्वाइजनिंग की वजह से 9 वर्षीय सुनीता की मौत हो गई। परिजनों ने अन्य बीमार बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज में भर्ती कराया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद सभी को गंभीर हालत में लोहिया अस्पातल के लिए रेफर कर दिया गया। जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। मौत की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की मां मानक ने स्कूल में बनी मिड डे मील की तहरी को फूड प्वाइजनिंग का कारण बताया। मिड डे मील से फूड प्वाइजनिंग की सूचना पर उप जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर ने मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। उपजिलाधिकारी ने मामले की जानकारी उच्चधिकारियों को दी। इधर क्षेत्र अधिकारी संजय वर्मा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जहां पुलिस ने शव का पंचनामा पर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव पहुंची खाद्य विभाग की टीम
आपको बता दे कि फूड प्वाइजनिंग से मौत की सूचना पर खाद्य सुरक्षा सहायक आयुक्त अजीत सिंह, खाद्य निरीक्षक अक्षय प्रधान गांव लखनपुर पहुंचे। जहां उन्होंने मृतक के घर से एमडीएम की तहरी, सरसों का तेल, आटा आदि का सैंपल लिया। विभाग की जांच में सामने आया कि घर के रसोई घर में साफ सफाई नहीं थी आटे को खुले में रखा गया था। वहीं उन्होंने बताया कि सामग्री के सैंपलों को जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा।
विद्यालय की इंचार्ज ने फूड प्वाइजनिंग को नकारा
आपको बता दी कि प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज प्रगति कटिहार ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को मिड डे मील में तहरी बनी थी और तहरी को 69 बच्चों के साथ अध्यापकों ने भी खाया था। वहीं उन्होंने बताया कि सुनीता व उसका भाई गुलशन पिछले दो-तीन दिनों से स्कूल नहीं आ रहे हैं। जबकि उसका भाई अंशुल बुधवार को स्कूल आया था। उनका कहना है कि मिड डे मील की तहरी को स्कूल में मौजूद सभी बच्चों ने खाया था किसी की हालत नहीं बिगड़ी।
विभाग ने गांव में लगाया कैंप
आपको बता दे कि गांव में फूड प्वाइजनिंग से हुई मौत से शासन में प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉक्टर विपिन कुमार स्वास्थ्य कर्मियों की टीम के साथ गांव पहुंचे। जहां उन्होंने कैंप लगाकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य का परीक्षण किया और साथ ही डायरिया व बुखार की दवा का वितरण किया। उप चिकित्साधिकारी रंजन गौतम ने बताया कि प्रथम दृषिटता से वासा खाना खाने से सभी की हालत बिगड़ी है और इसी कारण एक बच्ची की मौत हुई है।

