Farrukhabad (समाचार टाउन डेस्क)–
खबर जनपद फर्रुखाबाद से है जहां बाढ़ के पानी ने ग्रामीण क्षेत्र पूरी तहर से जलमग्न हो चुका है। आपको बता दें कि बाढ़ के कारण मंदिर, शवदाहगृह व फसलें पानी में डूबीं चुकी है। हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है।

हाइलाइट्स-
-जनपद में गंगा ने लिया रौद्र रुप, हर तरफ पानी ही पानी
-बाढ़ के कहर से अधिकतर ग्रामीण इलाका जलमग्न
-बाढ़ के पानी से मंदिर, शवदाहगृह व फसलें डूबीं
-जनपद फर्रुखाबाद के कायमगंज क्षेत्र का है मामला

क्या है पूरा मामला
जनपद फर्रुखाबाद में गंगा के बड़ते जल स्तर के कारण बाढ़ आई हुई। गंगा नदी पिछले कई दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जनपद के कई गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने लगा है, जिससे हालात गंभीर होते जा रहे हैं। कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव टिलियाँ स्थित कुंडा शवदाहगृह और प्राचीन सोनसरवा मंदिर पानी से घिर गए हैं, वहीं खेतों में खड़ी गन्ना, धान और अन्य फसलें डूबकर बर्बाद हो रही हैं। इससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। वहीं जिला प्रशासन की ओर ग्रामीणों को हर संभव मदद दिलाई जा रही है। वहीं राजस्व विभाग के कर्माचारी भी अपने अपने हल्के में ड्यूटी दे रहें है।

ग्रामीण इलाका हुआ जलमग्न
नगर से सटे गांव आखूनपुर, अजीजपुर, नसरुल्लापुर, भैसार, सिनौली, सूखानगला और औजननाला तक बाढ़ का पानी लगातार तेजी से फैल रहा है। टिलियाँ स्थित कुंडा शवदाहगृह और प्राचीन सोनसरवा मंदिर भी बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। कुंडा शवदाहगृह के डूबने से अंतिम संस्कार में बड़ी परेशानी हो रही है। मजबूरी में लोग ऊंचे स्थानों पर जाकर चिता जलाने को विवश हैं। बाढ़ के पानी ने किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर दिया है। गन्ना, धान, बाजरा, करडी, शकरकंद और घुइयां जैसी फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। पानी भर जाने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है, जिससे मोबाइल फोन ठप हो गए हैं। ऐसे में सोलर पैनलों की मांग अचानक बढ़ गई है और लोग इन्हीं के सहारे काम चला रहे हैं। हालात से जूझते ग्रामीणों ने घरों की छतों पर टिकासरा लगाकर अस्थायी रसोई बना ली है। वहीं, भूसा, तंबाकू और अन्य जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है ताकि पानी से खराब न हो। मवेशियों को भी गांव से बाहर सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा रहा है।

