संवाददाता समाचार टाउन
-कोतवाली में घुसा पानी, निचले इलाकों में जलभराव, मुख्य सड़कें बनीं तालाब, पेड़ की डाल गिरने से 33 केवी लाइन बाधित
कायमगंज/फर्रुखाबाद:सोमवार सुबह आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने कायमगंज शहर की व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। जलभराव और चरमराई बिजली से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सोमवार तड़के करीब पौने पांच बजे शुरू हुई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने शहर को जलमग्न कर दिया। जहां एक ओर बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर निचले इलाकों में जलभराव ने हालात बिगाड़ दिए।
फोटो परिचय कोतवाली में भरा पानी
ट्रांसपोर्ट चौराहे से लेकर निरीक्षण भवन तक मुख्य सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। कुवेरपुर परिषदीय विद्यालय के बाहर भर गया। ग्रामीण इलाकों में हालात खराब हो गए।जलभराव और फिसलन बढ़ गई। बारिश थमने के चार घंटे बाद भी शहर में सड़कों पर घुटनों तक पानी भरा रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पालिका कर्मचारी मौके पर पहुंचे और नालों की सफाई में जुट गए। घंटों की मशक्कत के बाद दोपहर करीब 12 बजकर 30 मिनट पर जलनिकासी सुचारू हो सकी, तब जाकर हालात सामान्य होने लगे। अधिशासी अधिकारी डॉ. लव कुमार मिश्रा ने बताया कि आमतौर पर मई माह में मानसून पूर्व सफाई अभियान चलाया जाता है, लेकिन इस बार लगातार हो रही बारिश के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि अपेक्षा से अधिक बारिश होने के कारण जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई है और जल्द ही प्रमुख नालों की विशेष सफाई कराई जाएगी।
फोटो परिचय कुवेरपुर परिषदीय विद्यालय के बाहर भरा पानी
इधर तेज आंधी का असर विद्युत व्यवस्था पर भी पड़ा। सुबह 4:50 बजे गुल हुई बिजली दोपहर करीब 1 बजे तक बहाल नहीं हो सकी। करीब 10 घंटे तक शहर अंधेरे में डूबा रहा।
जानकारी के अनुसार, लुधइया पावर हाउस से रूटोल पावर हाउस के बीच 33 केवीए लाइन पर एक विशाल पेड़ की डाल गिरने से सप्लाई बाधित हो गई थी। बारिश थमने के बाद लाइनमैनों ने फाल्ट ढूंढकर उसे दुरुस्त किया।
अवर अभियंता मोहम्मद जावेद ने बताया कि आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां बिजली के तारों पर गिर गई थीं, जिससे कई फाल्ट हो गए। कर्मचारियों को अलर्ट पर रखकर धीरे-धीरे सभी क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल की जा रही है।
इनसेट:
बारिश में भीगा लाखों का गेहूं, खरीद केंद्र की लापरवाही उजागर
-खुले में पड़ी रहीं हजारों बोरियां, मक्का व आम की फसल को भी भारी नुकसान
सोमवार तड़के शुरू हुई बारिश ने जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त किया, वहीं मंडी समिति स्थित सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर भारी लापरवाही सामने आई। लाखों रुपये मूल्य का गेहूं खुले में भीग गया, जबकि किसानों की अन्य फसलें भी नुकसान की कगार पर पहुंच गई हैं।
सोमवार सुबह करीब पांच बजे से शुरू हुई बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। मंडी समिति स्थित सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बावजूद हजारों गेहूं की बोरियां खुले आसमान के नीचे छोड़ दी गईं। बारिश के चलते लाखों रुपये मूल्य का गेहूं भीगकर खराब होने की कगार पर पहुंच गया। विपणन अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि गेहूं को ढकने के लिए तिरपाल डाली गई थीं, लेकिन तेज हवा के कारण वे हट गईं। उन्होंने ठेकेदार पर जिम्मेदारी डालते हुए कहा कि समय पर उठान न होने के कारण गेहूं खुले में पड़ा रहा।
फोटो परिचय बारिश से भीगी गेहूं की बोरिया
लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश और सोमवार को हुई 2.7 एमएम वर्षा ने गेहूं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अधिकारी धूप निकलने पर गेहूं के ठीक हो जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ते नजर आए।
उधर मौसम की मार से किसान भी बेहाल हैं। खेतों में जलभराव के कारण मक्का की फसल गलने की कगार पर है। वहीं लगातार दूसरे दिन आई तेज आंधी ने आम उत्पादकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बागों में भारी मात्रा में आम टूटकर गिर गया, जिससे बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और लागत निकलना भी मुश्किल हो गया है।

