संवाददाता समाचार टाउन
कायमगंज/फर्रुखाबाद:लगातार हुई तेज बारिश और हवाओं ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया ही,वहीं किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर दिया है। क्षेत्र में कई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खासकर केले की तैयार फसल तेज हवाओं के कारण जमीन पर गिरने से किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कायमगंज क्षेत्र को केले के उत्पादन और व्यापार के लिए प्रमुख क्षेत्र माना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में केला आसपास के कई जिलों के साथ ही उत्तर प्रदेश के बाहर भी भेजा जाता है। क्षेत्र के अताईपुर जदीद, अताईपुर कोहना, भुड़िया, कटरा रहमत खां समेत कई गांवों में बड़े पैमाने पर केले की खेती की जाती है।

पिछले दिनों हुई तेज बारिश के साथ चली हवाओं के कारण केले के पेड़ गुच्छों (गौर) सहित जमीन पर गिर गए। कई किसानों के खेतों में तैयार फसल जमीन पर बिछ गई, जिससे केले खराब होने लगे हैं। तैयार फसल के इस तरह बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।किसान शाहनवाज खान ने बताया कि बारिश और तेज हवाओं के चलते आसपास कई बीघा केले की फसल जमीन पर गिरकर नष्ट हो गई है। तैयार फसल के खराब होने से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि फसल खराब होने के कारण व्यापारी भी केला खरीदने के लिए खेतों तक नहीं पहुंच रहे हैं।

किसान के अनुसार केले की फसल तैयार करने में करीब 40 से 45 हजार रुपये प्रति बीघा तक लागत आती है। इस बार शुरुआत में केले का भाव अच्छा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब बाजार में केला करीब 5 से 6 रुपये प्रति किलो के भाव तक पहुंच गया है। ऐसे में किसानों के लिए फसल की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।
किसानों का कहना है कि एक ओर प्राकृतिक आपदा के कारण तैयार फसल बर्बाद हो रही है, वहीं दूसरी ओर बाजार में कम भाव मिलने से दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। किसानों ने प्रशासन से बारिश और तेज हवाओं से हुए नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।

