संवाददाता समाचार टाउन
कायमगंज/फर्रुखाबाद:कन्या विद्यापीठ इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य के खिलाफ आई त्रिस्तरीय जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रबंध समिति ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आदेश में विभिन्न अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए विभागीय जांच कराए जाने की बात कही गई है।
कन्या विद्यापीठ इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति की प्रबंधक कल्पना सिंह की द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भारतीय किसान यूनियन अखंड प्रदेश की शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश से गठित त्रिस्तरीय जांच समिति ने विद्यालय में जांच की थी। समिति की रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से प्रबंध समिति को उपलब्ध कराई गई।
प्रबंध समिति के अनुसार, जांच रिपोर्ट में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन, अभिलेखों के रखरखाव, छात्राओं से शुल्क लिए जाने संबंधी शिकायतों, परीक्षा अभिलेखों तथा अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़े कई बिंदुओं पर प्रधानाचार्या को प्रथम दृष्टया जिम्मेदार बताया गया है। इन्हीं निष्कर्षों के आधार पर समिति ने माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई प्रथम दृष्टया जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही होगा। निलंबन अवधि में प्रधानाचार्या को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, फर्रुखाबाद से संबद्ध किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही प्रबंध समिति ने आरोपों की विस्तृत जांच के लिए अलग जांच समिति गठित की है। प्रधानाचार्या को जांच में सहयोग करने और अपना कार्यभार प्रवक्ता मधु मौर्य को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
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प्रधानाचार्य बोली बिना नोटिस निलंबन अवैधानिक, आरोप निराधार।
इस संबंध में प्रधानाचार्य विश्व मोहिनी पांडेय ने बताया कि निलंबन की जानकारी आधिकारिक डाक या नोटिस के जरिए नहीं, बल्कि आज ही किसी अन्य माध्यम से मिली है। उनका मानना है कि प्रबंधक ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के यह कार्रवाई की है, जो कि पूरी तरह से अवैधानिक और मनमानी है। उन्होंने कहा कि जिन आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है, वे सब निराधार और असत्य हैं। त्रिस्तरीय कमेटी द्वारा कोई नई जांच या पूछताछ नहीं की गई है, बल्कि यह निलंबन एक फेक (फर्जी) रिपोर्ट के आधार पर किया गया है। इन सभी बिंदुओं की पूर्व में जांच हो चुकी है, जिसकी रिपोर्ट उनके के पास है। उन्होंने बताया कि पूरी स्थिति से डीआईओएस साहब को मौखिक रूप से अवगत कराया है। डीआईओएस का कहना है कि इस निलंबन का तब तक कोई मतलब नहीं है जब तक विभाग की तरफ से कोई आदेश या टिप्पणी नहीं आती। डीआईओएस के निर्देशानुसार ही वे नियमित रूप से विद्यालय जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानाचार्य कक्ष की अलमारी में एक अतिरिक्त ताला लगा दिया गया है और कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका भी गायब है। क्लर्क ने लिखित में दिया है कि उस रजिस्टर को प्रबंधक अपने साथ ले गए हैं। इस बात की सूचना भी डीआईओएस को दे दी गई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस विद्यालय के इतिहास में पहली बार आयोग (कमीशन) के माध्यम से किसी स्थाई प्रधानाचार्य की नियुक्ति हुई है, और वह वर्तमान में अपना कार्य कर रही हैं।
