संवाददाता समाचार टाउन
–तिलसड़ी गांव के लोगों पर मारपीट का आरोप, पुलिस ने समझा कर मामला किया शांत
कोतवाली क्षेत्र के ममापुर गांव में बच्चों के मामूली विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। शुक्रवार को हुई मारपीट के बाद शनिवार को फिर से हुए हमले से नाराज ग्रामीणों ने पुलगालिब तिराहे पर मुख्य मार्ग जाम कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को खदेड़ा और शांति व्यवस्था बहाल की।
भीड़ को समझाते कस्बा चौकी इंचार्ज सोमबीर सिंह
शुक्रवार को ममापुर निवासी गीता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि कुछ दिन पूर्व बच्चों के बीच विवाद हुआ था। इसी रंजिश को लेकर तिलसड़ी गांव के सौरव, ब्रजगोपाल, अज्जू और अतुल शुक्रवार को उनके घर पहुंचे। आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया, जिसमें बीच-बचाव करने आए किशन, प्रमोद और खुशी गंभीर रूप से घायल हो गए। शनिवार को आरोपितों ने फिर पीड़ित पक्ष पर हमला कर दिया, जिससे आक्रोशित ममापुर के ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। गुस्साए लोगों ने पुल तिराहे पर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही कस्बा चौकी प्रभारी सोमवीर सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
गांव के ही ट्रैक्टर चालक के साथ मारपीट करते युवक
इसी बीच तिलसड़ी गांव का एक ट्रैक्टर चालक वहां से गुजरा। उत्तेजित भीड़ ने उसे पकड़ लिया और उसके कपड़े फाड़ दिए। हालांकि, पुलिस के बीच-बचाव के बाद उसे वहां से सुरक्षित निकाला गया। बढ़ते हंगामे की जानकारी मिलते ही इंस्पेक्टर मदन मोहन चतुर्वेदी भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए बल प्रयोग किया और भीड़ को दौड़ाया। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को निगरानी में लिया है। वहीं, घायल ममापुर निवासियों को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है।

इंस्पेक्टर मदन मोहन चतुर्वेदी ने बताया कि विवाद ममापुर गांव के लोगों द्वारा गुलेल से पत्थर मारने से शुरू हुआ था, जो पत्थर तिलसड़ी गांव के बच्चों को लगा था। इस पर तिलसड़ी गांव के कुछ लोगों ने ममापुर के कुछ लोगों को पीट दिया था। ममापुर पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई थी। शनिवार को दुवारा हुए गांव में विवाद और जाम के मामले में कार्रवाई की जा रही है। वही मारपीट करने वाले और सड़क पर हंगामा करने वाले के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई होगी।

