संवाददाता समाचार टाउन
कंपिल:सहकारी कताई मिल के श्रमिकों ने वर्षों से लंबित मांगों और बकाया भुगतान को लेकर रविवार को आंदोलन तेज कर दिया। सहकारी कताई मिल संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले श्रमिकों ने मिल के मुख्य गेट पर बैठक कर 15 सूत्रीय मांगपत्र रखा और सरकार व प्रबंधन से न्याय की मांग की।
बैठक महामंत्री मानसिंह के नेतृत्व में हुई। उन्होंने बताया कि मांगपत्र लेने के लिए तहसीलदार को आना था, लेकिन किसी कारणवश वह नहीं पहुंच सके। इसके बाद मांगपत्र कंपिल थानाध्यक्ष नितिन कुमार को सौंप दिया गया।

मोर्चा के अध्यक्ष हरीश कुमार शर्मा के हस्ताक्षर से जारी मांगपत्र में श्रमिकों ने बिना अनुमति लगाए गए ले-ऑफ (बैठकी) का पूरा वेतन, बोनस और 9.5 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने की मांग की है। साथ ही कुछ मिलों में 30 प्रतिशत वेतन कटौती के साथ कराए गए काम का बकाया भी देने की मांग उठाई गई। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में वीआरएस और ग्रेच्युटी का भुगतान मनमाने ढंग से किया गया, जिसे नियमानुसार पूरा कर बकाया पर 9.5 प्रतिशत ब्याज दिया जाए।
फर्रुखाबाद मिल के श्रमिकों के मामले में कहा गया कि फंड कमिश्नर के आदेश के बावजूद ढाई साल से पीएफ जमा नहीं किया गया है। मृतक श्रमिकों की विधवाओं को भी अन्य कर्मियों की तरह पेंशन लाभ देने की मांग उठाई गई। मोर्चा ने यह भी मांग रखी कि यदि बंद पड़ी मिल की जमीन पर नया कारखाना स्थापित किया जाता है तो श्रमिक परिवार के एक सदस्य को योग्यता के आधार पर नौकरी दी जाए। वहीं यदि आवासीय कॉलोनी बनाई जाती है तो श्रमिकों को प्राथमिकता के आधार पर आवास आवंटित किए जाएं।
श्रमिकों ने देरी से भुगतान पर किसानों की तरह 12 प्रतिशत ब्याज देने की मांग भी उठाई। साथ ही काम के दौरान आंखों की रोशनी खो चुके श्रमिकों के लिए यूएएन नंबर जनरेट कर सरकारी सहायता दिलाने की मांग की गई।
संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द वार्ता कर मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।

