संवाददाता समाचार पत्र
कायमगंज/फर्रुखाबाद:उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने गुरुवार को अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल के आवाहन पर तहसील पहुंचकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में आ रही व्यापारिक कठिनाइयों को लेकर मांगे उठाई।
तहसील में व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सैंपलिंग और जांच प्रक्रिया में व्यापारियों एवं निर्माताओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि सैंपल भरते समय यदि निर्माता को पक्षकार बनाया जाए तो उसे फॉर्म 5-क पंजीकृत डाक से अनिवार्य रूप से भेजा जाए। साथ ही रिटेलर या होलसेलर द्वारा बिल प्रस्तुत किए जाने पर ही निर्माता को पार्टी बनाया जाए। व्यापारियों ने कहा कि अधिनियम में 14 दिन में जांच रिपोर्ट देने का प्रावधान है, लेकिन रिपोर्ट महीनों बाद मिलती है। इससे खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट निकल जाती है और पुनः जांच का औचित्य समाप्त हो जाता है। उन्होंने मांग की कि सभी राजकीय जन विश्लेषण प्रयोगशालाओं को समयबद्ध रिपोर्ट जारी करने के निर्देश दिए जाएं।
फोटो परिचय एसडीएम को खाद्य सुरक्षा अधिनियम की विसंगतियों पर समस्याएं बताते व्यापारी
व्यापारियों ने यह भी कहा गया कि केंद्रीय प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने से पहले खाद्य पदार्थों को नष्ट या जब्त करने की कार्रवाई न की जाए। यदि नमूने में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व न मिलें तो उसे असुरक्षित घोषित करने के बजाय अधोमानक माना जाए। व्यापार मंडल ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 69 के तहत मामूली मामलों में शमन व्यवस्था लागू करने, पूर्णकालिक न्याय निर्धारण अधिकारी नियुक्त करने तथा सीलबंद पैकिंग वाले उत्पादों पर छापेमारी कार्रवाई बंद करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा प्राइवेट लैब की जांच के आधार पर निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई समाप्त करने, खाद्य पदार्थों के मानक नए सिरे से तय करने तथा सर्वे सैंपलों की रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की गई।मुख्यमंत्री को संबोधित 12 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम अतुल कुमार सिंह को सौंपा गया। इस अवसर पर व्यापारी अभिषेक अग्रवाल, अमित सेठ, संजीव अग्रवाल, प्रतीक राज कौशल, अंकित अग्रवाल, प्रेम कमल गुप्ता,आलोक सक्सेना, मुस्तफा भाई, मुकेश गुप्ता, विनीत सक्सेना, दिलीप गुप्ता, अमित पालीवाल, युवा नगर अध्यक्ष विशाल गुप्ता, आदि मौजूद रहे।

