संवाददाता समाचार टाउन
-पाखर के पेड़ कर चढ़ा, जमीन पर कब्जे की धमकी से परेशान होने का आरोप, एसडीएम के आश्वासन पर एक घंटे बाद नीचे उतरा, शांतिभंग में कार्रवाई
कायमगंज/फर्रुखाबाद:तहसील परिसर में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब तहसीलदार कोर्ट के बाहर पाखर के पेड़ पर चढ़ा एक ग्रामीण गले में रस्सी का फंदा डालकर इंसाफ की गुहार लगाने लगा। उसका चेहरा अंगौछे से ढका था। पेड़ पर किसान को देखकर फरियादियों, अधिवक्ताओं और तहसील कर्मचारियों की भीड़ जमा हो गई। काफी समझाने के बाद भी वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ। उसने कहा कि वह अपनी फरियाद एसडीएम के सामने ही रखेगा। एसडीएम के समस्या सुनकर समाधान का भरोसा देने पर वह पेड़ से नीचे उतरा।
फोटो परिचय पेड़ पर चढ़ा किसान
कंपिल थाना क्षेत्र के सिवारा गांव निवासी इंद्रपाल बुधवार को तहसील परिसर पहुंचा था। तहसीलदार कोर्ट के बाहर स्थित पाखर के पेड़ पर चढ़कर उसने गले में रस्सी डाल ली और इंसाफ की मांग करने लगा। सूचना पर एसडीएम अभिषेक वर्मा, तहसीलदार हर्षित सिंह, नायब तहसीलदार अनवर हुसैन समेत तहसील कर्मी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने नीचे से उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन घनी टहनियों के कारण वह स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। इसके बाद एसडीएम प्रशासनिक अमले के साथ तहसील की छत पर पहुंचा और वहां से उससे बातचीत शुरू की।
फोटो परिचय पुलिस की गिरफ्त में किसान
इधर, सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे समस्या का समाधान कराने का भरोसा देकर नीचे उतरने के लिए कहा। इसी बीच इंद्रपाल ने चेहरे से अंगौछा और गले से फंदा हटाया तो वहां मौजूद उसके गांव के एक ग्रामीण ने उसे पहचान लिया। ग्रामीण ने उसका नाम लेकर नीचे उतरने को कहा। एसडीएम ने भी उसकी समस्या सुनकर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद इंद्रपाल पेड़ से नीचे उतर आया। पुलिस उसे निगरानी में लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंची, जहां उसकी समस्या सुनी गई। इंद्रपाल ने अधिकारियों को बताया कि उसकी दादी रेवती के नाम करीब 7.5 बीघा जमीन थी। आरोप है कि दादी की मौत के बाद गांव के ही एक व्यक्ति ने जालसाजी और धोखाधड़ी कर जमीन अपने नाम विरासत दर्ज करा ली।
इंद्रपाल के मुताबिक करीब 40 साल पहले हुई इस विरासत के खिलाफ उसके पिता लड़ैते ने तहसील में वर्षों तक मुकदमा लड़ा, लेकिन मामला खारिज हो गया। इसके बाद कमिश्नरी में अपील की गई, वहां से भी परिवार को राहत नहीं मिली। इंद्रपाल ने बताया कि कानूनी लड़ाई के दौरान उसके पिता लड़ैते और बाद में मामले की पैरवी कर रहे भाई की भी मौत हो गई। अब परिवार में वह अपने भाइयों शेर सिंह, अनार सिंह और गंगा सिंह के साथ रह रहा है। आरोप है कि कल्याण अब उनके पिता के हिस्से की बची जमीन पर भी कब्जा करने की धमकी दे रहा है।इंद्रपाल के भाई शेर सिंह ने बताया कि जमीन के विवाद और लगातार मिल रही धमकियों को लेकर उसका भाई काफी समय से तनाव में था। परिवार के लोगों ने उसे कई बार समझाया भी था।
इंद्रपाल मंगलवार को घर से निकला था। एसडीएम अभिषेक वर्मा ने संबंधित लेखपाल को बुलाकर जमीन के मामले की जानकारी ली। एसडीएम बताया कि इंद्रपाल उनके पास कोई शिकायत लेकर नहीं आया था। यदि उसे कोई समस्या थी तो उसे अधिकारियों के सामने अपनी बात रखनी चाहिए थी। मामले की जांच कराई जा रही है। उधर, पुलिस इंद्रपाल को कोतवाली ले गई और उसके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की।

