Breaking
16 Jul 2026, Thu

बिजली विभाग की मनमानी से व्यापारी बेहाल, मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने सौंपा बड़ा ज्ञापन।

संवाददाता समाचार टाउन

मीटर शुल्क में भारी बढ़ोतरी, जबरन लोड वृद्धि, अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी और फ्यूल सरचार्ज वापस लेने की मांग; अघोषित बिजली कटौती रोकने की भी अपील

कायमगंज/फर्रुखाबाद:प्रदेश के व्यापारियों, उद्योगपतियों और आम बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश (पंजीकृत), कायमगंज इकाई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक विस्तृत ज्ञापन उप जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। व्यापार मंडल ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग लगातार नए नियम लागू कर व्यापारियों और आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है, जिससे प्रदेश का व्यापार और उद्योग प्रभावित हो रहा है।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि समय रहते बिजली विभाग की नीतियों में सुधार नहीं किया गया तो छोटे व्यापारी, उद्योग और आम उपभोक्ता गंभीर आर्थिक संकट में आ जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित में तत्काल हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि दो किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन पर मीटर शुल्क को लगभग सात गुना तक बढ़ाकर 750 रुपये से 5300 रुपये कर दिया गया है। व्यापारियों का कहना है कि यह वृद्धि पूरी तरह अनुचित है और इसका सीधा असर छोटे दुकानदारों एवं मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। उन्होंने इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की।

व्यापार मंडल ने प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं का बिजली लोड बिना पूर्व सूचना बढ़ाए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि यदि किसी उपभोक्ता को अतिरिक्त लोड की आवश्यकता होती है तो वह स्वयं आवेदन करता है। विभाग द्वारा एकतरफा तरीके से लोड बढ़ाकर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने इस निर्णय को निरस्त करने की मांग की।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि विभाग बढ़े हुए लोड के आधार पर अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी जमा कराने का दबाव बना रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को करोड़ों रुपये का अतिरिक्त भार उठाना पड़ रहा है। व्यापार मंडल ने इसे तत्काल समाप्त करने की मांग की।

व्यापारियों ने बिजली बिलों में लगाए जा रहे फ्यूल सरचार्ज को भी समाप्त करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि हर महीने इस अतिरिक्त शुल्क के कारण आम उपभोक्ताओं का घरेलू बजट और व्यापारियों की लागत दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

इसके अलावा ज्ञापन में प्रदेशभर में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर भी चिंता व्यक्त की गई। व्यापारियों का कहना है कि अनियमित बिजली आपूर्ति से उद्योगों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है, छोटे कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और व्यापारिक गतिविधियां बाधित हो रही हैं। उन्होंने निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में व्यापार और उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि बिजली विभाग की कथित मनमानी पर रोक नहीं लगी तो इसका सीधा असर प्रदेश के आर्थिक विकास पर पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यापारी हित और जनहित को ध्यान में रखते हुए ज्ञापन में उठाई गई सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष पवन गुप्ता, नगर अध्यक्ष अमित सेठ, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कौशल, जिला अध्यक्ष संजय गुप्ता, वरिष्ठ नगर उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता, संयुक्त महामंत्री प्रतीक राज कौशल, नगर महामंत्री संजीव अग्रवाल मीडिया प्रभारी अभिषेक गुप्ता, सहित संगठन के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

error: Content is protected !!