संवाददाता समाचार टाउन
कायमगंज/फर्रुखाबाद:जानकारी के मुताबिक, दत्तू नगला निवासी मुलायम यादव (पुत्र देवेंद्र सिंह यादव) स्टेशन पर एसएस इंटरप्राइजेज के ठेकेदार सुरेंद्र सिंह के नाम से आवंटित कैंटीन चलाते हैं। गुरुवार देर रात वह रोजाना की तरह कैंटीन बंद कर घर चले गए थे। शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे जब वह दुकान खोलने पहुंचे, तो वहां का मंजर देख उनके होश उड़ गए।
कैंटीन का शीशा ईंट से टूटा पड़ा था और अंदर सामान बिखरा हुआ था। गल्ले में रखी करीब ढाई हजार रुपये की रेजगारी (5, 10 और 50 रुपये के सिक्के) नदारद थी। इतना ही नहीं, पेटू चोर बिस्कुट, चिप्स और कुरकुरे के पैकेट तक बोरियों में समेट ले गए।
चोरी की दूसरी वारदात फिल्मी अंदाज में अंजाम दी गई। आजमगढ़ के बिलवा गांव निवासी आजाद कुमार कादर दादपुर सराय में अपनी रिश्तेदारी में आए थे। रात करीब 11 बजे स्टेशन पहुंचने पर ट्रेन छूट गई, तो वह कैंटीन के पास बेंच पर बैठ गए। आरोप है कि देर रात एक अज्ञात युवक आया और खुद को ‘TTE’ बताकर रौब झाड़ते हुए उन्हें वहां से हटा दिया।
सहमे आजाद गलियारे की दूसरी बेंच पर जाकर सो गए। सुबह आंख खुली तो जेब से 40 हजार रुपये का कीमती मोबाइल गायब था। ठगी और चोरी का शिकार हुए पीड़ित ने तत्काल जीआरपी को तहरीर दी।
घटना के बाद स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में खड़ी हो गई है। जिस कैंटीन में चोरी हुई, वहां से महज 30 मीटर पर आरपीएफ और 100 मीटर की दूरी पर जीआरपी की चौकी मौजूद है। चंद कदमों की दूरी पर स्टेशन मास्टर का कमरा है।
स्थानीय लोगों और दैनिक यात्रियों का सीधा आरोप है कि रात होते ही पूरा रेलवे स्टेशन घने अंधेरे के आगोश में समा जाता है। न तो पर्याप्त लाइटें जलती हैं और न ही जवानों की गश्त नजर आती है।

