संवाददाता समाचार टाउन
-भैंसा चोरी के विवाद में हत्या के बाद दूसरे दिन हुआ अंतिम संस्कार, पुलिस फोर्स रहा तैनात
कायमगंज:रविवार को उलियापुर गांव में भैंसा चोरी को लेकर हुए विवाद में बांकेलाल की हत्या के बाद उपजा तनाव सोमवार को पूरे दिन देखा रहा। मृतक के परिजनों ने आरोपितों की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर करीब 20 घंटे तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। भारी पुलिस मशक्कत और अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद ही परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
रविवार को जौरा रोड स्थित गोदाम में हुई हिंसक झड़प में घायल बांकेलाल की मौत पर पोस्टमार्टम होने के बाद शव देर रात गांव पहुंचा। परिजनों में कोहराम मच गया। उनके चीत्कार से लोगों के दिल दहल गए। मृतक की पत्नी, बच्चे, परिजन, नाते रिश्तेदार बिलख पड़े। हालात को देखते हुए रात से ही उलियापुर गांव छावनी में तब्दील हो गया। परिवार ने साफ कर दिया कि जब तक सभी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस पर कंपिल, शमशाबाद, मेरापुर और कायमगंज थानों की भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।
फोटो परिचय उलियापुर में अपर पुलिस अधीक्षक ने पहुंच कर परिजनों का समझाया
दोपहर 12 बजे अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, सीओ राजेश कुमार द्विवेदी मौके पर पहुँचे। उन्होंने परिजनों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। एएसपी के आश्वासन पर परिजन पहले तो मान गए, लेकिन उनके जाते ही वे फिर बिफर गए। परिजनों ने मांग की कि विवाद में शामिल रहे संजय अग्रवाल के गोदाम को तत्काल सील किया जाए। इंस्पेक्टर मदन मोहन चतुर्वेदी ने उन्हें समझाते हुए कहा कि तीन आरोपित पहले ही हिरासत में लिए जा चुके हैं और बाकी की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। वही मृतक पक्ष के एक व्यक्ति को ले जाकर आरोपितों को दिखाया भी। तब पुलिस के ठोस आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए सहमत हुए।
20 घंटे बाद शव कुंडा घाट ले जाया गया, जहाँ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उसके बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। पुलिस का कहना है कि दर्ज मुकदमे के आधार पर अन्य नामजद आरोपितों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इनसेट:
रविवार को गोदाम में हुई थी खूनी झड़प।
रविवार को उलियापुर निवासी बांकेलाल और पुष्पेंद्र पक्ष के बीच भैंसा चोरी के आरोप-प्रत्यारोप से शुरू हुआ था। जौरा रोड स्थित एक गोदाम में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। इस हिंसक झड़प में बांकेलाल और उसका भाई राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान बांकेलाल ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल और कोतवाली में हंगामा किया और दिल्ली रोड पर जाम लगा दिया था। पुलिस ने मृतक के भाई विपिन की तहरीर पर 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीन को हिरासत में लिया था।

