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16 Oct 2026, Fri

पटिया टूटी कुएं में जा गिरी मासूम बच्ची, गांव में मचा हड़कंप सिपाही मनोज चौधरी की जगह जगह सराहना।

संवाददाता समाचार टाउन

 

कायमगंज/फर्रुखाबाद:कायमगंज क्षेत्र के गांव रसीदाबाद बल्लभ में उस समय हड़कंप मच गया।जब अपनी बहन के साथ स्कूल से वापस घर लौट रही एक मासूम बच्ची पड़ोस के गांव जहानपुर निवासी बड़ी बहन अनन्या (12) बर्ष के साथ छोटी बहन सौम्या (4) बर्ष के साथ बहन हादसे का शिकार हो गई। बताया जा रहा है कि बच्ची स्कूल से लौटने के बाद गांव में दिनेश पंडित जी के दरवाजे पर डले झूले में झूलने के लिए जा रही थी। इसी दौरान झूले के पास बने पुराने कुएं के ऊपर से गुजरते समय अचानक कुएं पर पड़ी जर्जर पटिया टूट गई और बच्ची करीब 45 से 50 फीट गहरे कुएं में जा गिरी।

बच्ची के कुएं में गिरते ही उसके साथ मौजूद बहन ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। मासूम के कुएं में गिरने की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और सभी लोग बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में जुट गए।
ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कुएं से बच्ची को बाहर निकालने के लिए प्रयास शुरू किए।हादसे की जानकारी पुलिस और संबंधित अधिकारियों को भी दी गई। घटना के बाद गांव में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

सूचना मिलते उपजिलाधिकारी अभिषेक वर्मा,क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी, क्राइम इंस्पेक्टर बी० यादव,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉक्टर विपिन सिंह,डॉक्टर अमरेश सिंह व फायर ब्रिगेड कायमगंज व फर्रुखाबाद की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद लगभग 03 घंटे के प्रयासों के बाद कांस्टेवल मनोज ने 3 बार उतरकर बच्ची निकालने का असफल प्रयास रहा।फिर एक बार ऑक्सीजन सिलेंडर को रस्सी की सहायता से कांस्टेबल मनोज के साथ साथ नीचे किए में उतारा गया।कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची का सफल रेस्क्यू कर लिया गया।बच्ची को पुलिस ने तत्काल की स्वास्थय विभाग की टीम को सौप दिया गया।
टीम बच्ची को एम्बुलेंस में लेकर सीधे राम मनोहर लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद ले गए।


ग्रामीणों का कहना है कि जिस पुराने कुएं के ऊपर पटिया पड़ी हुई थी, वह काफी समय से जर्जर हालत में थी। कुएं की गहराई अधिक होने के बावजूद उसके ऊपर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। यही लापरवाही मासूम की जान पर भारी पड़ गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते जर्जर पटिया को बदलवा दिया जाता अथवा कुएं के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना दिया जाता तो इस तरह का हादसा होने से रोका जा सकता था।

 

घटना के बाद ग्रामीणों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी दिखाई दी। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में मौजूद सभी पुराने, खुले और जर्जर कुओं का सर्वे कराया जाए तथा उनके ऊपर मजबूत ढक्कन या सुरक्षा जाली लगवाई जाए, जिससे बच्चों और राहगीरों के साथ भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो सके।
फिलहाल बच्ची को कुएं से बाहर निकालने के बाद उसकी हालत और उपचार संबंधी जानकारी का इंतजार है। हादसे की खबर से पूरे गांव में चिंता और दहशत का माहौल बना हुआ है।

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