संवाददाता समाचार टाउन
कायमगंज: कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कलाखेल मऊरशीदाबाद में पुलिस पर घर में जबरन घुसकर कीमती आभूषण और नकदी लूटने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने घटना को वैध दिखाने के लिए बाद में निर्दोष परिजनों पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया। न्यायालय के आदेश पर अब कोतवाली पुलिस ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला
मोहल्ला कलाखेल निवासी सायदा बेगम ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा कि 26 जनवरी की रात करीब दो बजे कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक सोमवीर, जितेन्द्र कुमार, हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र तिवारी का0विजय गुर्जर, सचिन कुमार, जितेन्द्र सिंह, विकास बाबू, पवन चाहर समेत सात आठ पुलिसकर्मी बिना किसी वारंट या पूर्व सूचना के उनके घर में घुस आए। महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने रौब दिखाकर परिवार को डराया-धमकाया और घर की अलमारी में रखे सोने के जेवर जिनमें झूमर, झुमकी, गले का हार, अंगूठी और चांदी के जेवर (ताज, कंगन, पायल) सहित 90 हजार रुपये की नकदी लूट ली। पीड़िता के अनुसार, इस पूरी घटना को शाहिद और आशू नाम के युवकों ने अपनी आँखों से देखा और घटना का वीडियो भी बनाया। आरोप है कि जब परिजनों ने इस अवैध कार्यवाही का विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और मुख्तार खां, असद खान, सुभान खां और तारिक खान को जबरन उठाकर चौकी ले गए। बाद में छात्र सुभान को तो छोड़ दिया गया, लेकिन अन्य को हिरासत में रखा गया।
पीड़िता का आरोप है कि 28 जनवरी को पुलिस ने अपनी करतूत को छिपाने के लिए गालिब पुलिया के पास स्थित एक पुराने खंडहर में उक्त परिजनों पर आर्म्स एक्ट का फर्जी और मनगढ़ंत मुकदमा दर्ज कर दिया, जबकि उनके पास से कोई भी अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई थी। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने स्थानीय पुलिस से लेकर पुलिस अधीक्षक तक शिकायत की, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने नामजद पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।

