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3 Jun 2026, Wed

भड़का किसान संगठन का आक्रोश, तहसील में प्रदर्शन के बाद कई पदाधिकारी हिरासत में।

संवाददाता समाचार टाउन

-मुकदमा वापस लेने और गौशाला की जांच की मांग को लेकर चार घंटे तक चला धरना-प्रदर्शन, कई संगठन के लोग हुए शामिल

कायमगंज/फर्रुखाबाद:कंपिल क्षेत्र की गौशाला का वीडियो वायरल करने के मामले में दर्ज मुकदमे के विरोध में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन अखंड प्रदेश समेत कई संगठनों ने तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुकदमा वापस लेने और गौशालाओं की स्थिति की जांच कराने की मांग उठाई। करीब चार घंटे चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने संगठन के कई पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया।

फोटो परिचय तहसील परिसर छावनी में तब्दील, कई थानों की पुलिस फोर्स रही तैनात

बीते दिनों कंपिल थाना क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर पलनापुर स्थित गौशाला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में नोडल अधिकारी की तहरीर पर भारतीय किसान यूनियन अखंड प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी समेत सात अज्ञात लोगों के खिलाफ कंपिल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि गौशाला से संबंधित भ्रामक वीडियो वायरल कर छवि धूमिल करने तथा धन की मांग करने का प्रयास किया गया। मुकदमे के विरोध में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन अखंड प्रदेश, भारतीय बजरंग दल, करणी सेना और शिव शक्ति अखाड़ा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता तहसील मुख्यालय पर एकत्र हुए। प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलगालिब और तहसील परिसर के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

फोटो परिचय किसान नेताओं व हिन्दू संगठनों को समझाती पुलिस

क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी, इंस्पेक्टर लाइन आर्डर महेंद्र सिंह समेत कायमगंज, कंपिल, शमशाबाद, मेरापुर, नवाबगंज और फतेहगढ़ की अतिरिक्त फोर्स तैनात रही। पूरे तहसील परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे विभिन्न संगठनों के आधा सैकड़ा से अधिक पदाधिकारी और कार्यकर्ता पुलगालिब से होते हुए तहसील पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परिसर में प्रवेश किया। बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने से तहसील परिसर भर गया। प्रदर्शनकारियों ने गौशाला प्रकरण में दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की।

भाकियू अखंड प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी ने कहा कि फर्जी मुकदमा निरस्त किया जाए, गौशालाओं की स्थिति में सुधार कराया जाए तथा मृत गौवंशों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर जिम्मेदार अधिकारियो के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि संगठन अन्याय और तानाशाही बर्दाश्त नहीं करेगा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। एहतियात के तौर पर तहसील के पिछले हिस्से और अन्य छोटे गेट बंद करा दिए गए, जबकि मुख्य गेट खुला रखा गया।

करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद शाम साढ़े चार बजे तहसील प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने मिनी बस बुलाकर भाकियू अखंड प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी, राष्ट्रीय महासचिव बबलू दीक्षित, पुष्कर अग्निहोत्री समेत आधा दर्जन से अधिक पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें कोतवाली ले जाया गया। हिरासत में लिए गए पदाधिकारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

इनसेट:

आपत्ति है तो न्यायालय जाएं, प्रदर्शन से नहीं होगा समाधान : एसडीएम

एसडीएम अतुल कुमार सिंह ने बताया कि नोडल अधिकारी द्वारा विधिक प्रक्रिया के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। यदि किसी पक्ष को कार्रवाई पर आपत्ति है तो वह न्यायालय में अपनी बात रख सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रदर्शन से समस्या का समाधान नहीं होगा और सभी को कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखनी चाहिए।

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कंपिल चौराहे पर दिनभर मुस्तैद रही पुलिस और पीएसी

भाकियू अखंड प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कंपिल चौराहे और आसपास पुलिस व पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई। सुरक्षा व्यवस्था पर अधिकारियों की लगातार नजर बनी रही।

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