संवाददाता समाचार टाउन
फर्रुखाबाद/उत्तर प्रदेश:पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा का आगाज़ सोमवार से बेहद कड़े सुरक्षा घेरे के बीच हो गया है। तीन दिनों तक चलने वाली इस परीक्षा को पारदर्शी और लीक-मुक्त बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जिले में परीक्षा को लेकर सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए गए हैं कि अभ्यर्थियों को सघन चेकिंग से गुजरना पड़ रहा है।
8 जिलों के 40 हजार से अधिक अभ्यर्थी दे रहे परीक्षा
इस तीन दिवसीय परीक्षा में कुल आठ जिलों के 40 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। प्रत्येक पाली में 6,720 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिले में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा और निगरानी के लिए 560 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 74 कक्ष निरीक्षकों को आरक्षित (रिजर्व) रखा गया है।
सुबह 7 बजे से ही केंद्रों पर जुटने लगी भीड़, 3 स्तर पर हुई जांच
सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलने वाली पहली पाली की परीक्षा के लिए अभ्यर्थी सुबह 7 बजे से ही केंद्रों पर पहुंचने शुरू हो गए थे। सुबह 8 बजे से अभ्यर्थियों को सख्त सुरक्षा जांच के बाद केंद्रों में प्रवेश दिया गया।
परीक्षा हॉल में जाने से पहले अभ्यर्थियों को तीन स्तर की सघन जांच से गुजरना पड़ा।
1.गेट पर चेकिंग:सबसे पहले मेटल डिटेक्टर से अभ्यर्थियों की गहन चेकिंग की गई।
2.बायोमेट्रिक सत्यापन:मेटल डिटेक्टर टेस्ट पास करने के बाद अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए भेजा गया।
3.सख्त नियम:सुरक्षा मानकों के तहत अभ्यर्थियों के जूते उतरवाकर जांच की गई, वहीं महिला अभ्यर्थियों की कानों की बालियां भी उतरवाई गईं।
शहर के बद्री विशाल डिग्री कॉलेज में जूते उतरवाकर सघन जांच की गई। वहीं नारायण आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में, जहां 380 अभ्यर्थियों की परीक्षा थी, सुबह 9 बजे के बाद भी सड़क पर लंबी कतारें देखी गईं। यहाँ पुलिसकर्मी सड़क पर ही अभ्यर्थियों के आधार कार्ड और प्रवेश पत्र की जांच कर रहे थे, जिसके बाद कॉलेज गेट पर मेटल डिटेक्टर और अंदर बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया।
कक्ष निरीक्षकों (इन्विजिलेटर्स) के लिए भी कड़े नियम
नियमों की सख्ती सिर्फ अभ्यर्थियों तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि कक्ष निरीक्षकों को भी इससे गुजरना पड़ा। ड्यूटी पर तैनात कक्ष निरीक्षक सुबह 6:30 बजे ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए थे। उन्हें भी अपना आधार कार्ड और पुलिस द्वारा जारी पहचान पत्र दिखाने के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन कराना पड़ा, जिसके बाद ही उन्हें केंद्र के अंदर जाने की अनुमति मिली।

